श्री लक्ष्मण घर बाजत आज बधाई

नंददास

Pada 10

श्री लक्ष्मण घर बाजत आज बधाई । पूरण ब्रह्म प्रकटे पुरुषोत्तम श्री वल्लभ सुखदाई ॥१॥ नाचत वृद्ध तरुण और बालक, उर आनंद न समाई । जयजय यश बंदीजन बोलत विप्रन वेद पढाई ॥२॥ हरद दूब अक्षत दधि कुंकुम आंगन कीच मचाई । वंदन माला मालिन बांधत मोतिन चोक पुराई ॥३॥ फूले द्विजवर दान देत हें पट भूषण पहराई। मिट गये द्वंद नंददासन के मन वांछित फल पाई ॥४॥
माई फूल को हिंडोरो बन्यो, फूल रही यमुनाफल फलित होय फलरूप जाने