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नंददास
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झूलत राधामोहन
झूलत राधामोहन
नंददास
Pada 8
झूलत राधामोहन, कालिंदी के कूल। सघन लता सुहावनी, चहुंदिश फूलें फूल ॥१॥ सखी जुरी चहुँदिश तें, कमल नयन की ओर। बोलत वचन अमृतमय, नंददास चित्तचोर॥२॥
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माई फूल को हिंडोरो बन्यो, फूल रही यमुना →