राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 20 of 115
कब ह्वैहौं हों मोरनी, श्री वृंदावन धाम।
नचिहौं संग अंग मोरिकैं, सुंदर श्यामा श्याम॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (57)
कब बनोगे मोरानी, श्री वृन्दावन धाम। नचिहौं संग अंग मोरिकैन, सुंदर श्यामा श्याम.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (57)