राधा नाम को आधार

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 88 of 115

मिली है अंगधार ह्वै, श्री बन बीथिन धूर। परिहैं पद पंकज जुगल, मेरी जीवन मूर॥ - ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (74) अंगधर हावै, श्री बन बिथिन धुर। परिहैं पद पंकज जुगल, मेरी जीवन मूरे.. - ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (74)
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