श्री वृन्दावन धाम में, बसै निरन्तर देह
Anany Modini — श्री प्रियादास
Verse 1 of 1
श्री वृन्दावन धाम में, बसै निरन्तर देह।
जौ दुर्दैव न बसि सकै, मन दृढ़ करै सनेह॥
- श्री प्रियादास जी, अनन्य मोदिनी (9)
श्री वृन्दावन धाम में शरीर निरंतर निवास करता है। जौ दुर्भाग्य को नहीं रोक सकता, प्रेम मन को मजबूत करता है.. - श्री प्रियादास जी, अन्य मोदिनी (9)