कृपा डोरी पकराईकर

Arat Patrika — श्री चाचा हित वृंदावनदास

Verse 1 of 1

कृपा डोरी पकराईकर, तुम खैंचौ जो आप। अहो रसिक चूड़ामणी, तब मिटिहै संताप॥ - श्री चाचा हित वृंदावन दास, आरत पत्रिका कृपया डोरी पकारैकर, आप उस एपी को खींच लें। हे रसिक चूड़ामणि, तभी मिटेगा स्नैप.. - श्री चाचा हित वृन्दावन दास, आरत पत्रिका हे रसिक चूड़ामणि स्वामी श्रीराधिका, यदि एपी स्वयं मेरी कृपा की डोर खींचेगा, तभी मेरे हृदय का स्नैप गायब होगा, अन्यथा नहीं।