ब्रज देविन कौ प्रेम ह्वै गयौ आड़े जिन उर
Bhakti Prarthana Beli — श्री चाचा हित वृंदावनदास
Verse 1 of 1
ब्रज देविन कौ प्रेम ह्वै गयौ आड़े जिन उर।
श्रोता वक्ता जके-थके पहुँचे न धाम पुर॥
- चाचा वृन्दावनदासजी, भक्ति प्रार्थना बेली
ब्रज देवी कौन प्रेम ह्वै ग्यु आदे जिन उर। श्रोता वक्ता जेके-ठाके पाहुंचे एन धाम पुर.. - चाचा वृन्दावन दासजी, भक्ति प्रार्थना बेली