केकी जो बनावै तौ बनैयौ बनराज जू कौं
Braj Binod — श्री लाल बलबीर
Verse 1 of 77
चारों दिसि सोभित सदाँ, जाके संत समाज।
सब देवन कौ मुकुट मणि, राजा श्रीगिरिराज॥
- श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, गिरिराज अष्टक (1)
चारोएन डिसी सोभित सदन, जेक सेंट समाज। जो समस्त देवताओं के मुकुटमणि हैं, राजा श्री गिरिराज.. - श्री लाल बलबीर, ब्रज बिनोद, गिरिराज अष्टक (1)