कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 131 of 229
मोहन के हम मत्त अति, इत उत कहूँ न जाय।
राधा आनन कमल में, इकटक रहे लुभाय॥
- ब्रज के दोहे
मोहन के हम मत अति, एत उत कहूँ एन जय। राधा कमल में लीन, एक रहो.. - braj ke dohe
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 131 of 229