कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 178 of 229
ऋषि मुनि गायौ नाम जस, महिमा कही अनंत।
मीठौ राधा नाम अति, कही राधिका कंत॥
- ब्रज के दोहे
ऋषि मुनि गयौ का नाम ही ऐसा है, इनकी महिमा अपरंपार है। मधुर राधा नाम अति, कहि राधिका कंत.. -ब्रज के दोहे