कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 187 of 229
श्री नंदलाल तमाल सो, स्यामल तन दरसाय।
ता तन सुबरन बेलि सी, राधा रही समाय॥
- ब्रज के दोहे
श्री नंदलाल तमाल सो, स्यामल तन दरसय। ता तन सुबरना बेली सी, राधा रही समय.. -ब्रज के दोहे
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 187 of 229