कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 30 of 229
ब्रज की रज में लोट कर, यमुना जल कर पान।
श्री राधा राधा रटते, या तन सों निकले प्रान॥
- ब्रज के दोहे
ब्रज की वर्षा में डुबकी लगाओ, यमुना का जल पियो। श्री राधा राधा रटते, या पुत्र के शरीर और जीवन.. - braj ke dohe