कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 62 of 229
हों तौ चेरौ चरन कौ, चरणहि नाऊँ माथ।
जिन चरणन की वन्दना, करी द्वारिका नाथ॥
- ब्रज के दोहे
मैं आपके चरणों में हूं, मैं आपके चरणों में हूं। द्वारका नाथ के चरणों में प्रणाम... -ब्रज के दोहे