कीच लगी ब्रज खिरक की
Braj Ke Dohe — ब्रज के दोहे
Verse 82 of 229
जे पद शिव ब्रह्मादिक दुर्लभ, शारद उमा रमा री।
रसिक मरम जानत तिन पद रज, सुलभ करावन हारी॥
- ब्रज के दोहे
जे पद शिव ब्रह्मादिक दुर्लभ, शरद उमा राम री। रसिक मरम जानत 3 पद रज, सुलभ करावन हारी.. - braj ke dohe