श्रीवृन्दावन सहज समाज
Chatur Das Vani — श्री चतुर दास
Verse 1 of 2
चतुरदास (श्री) हरिदास कै, अद्भुत नित्य बिहार।
इहाँ औरनि की कहा चलै, वेद न पावै पार॥
- श्री चतुर दास जी, श्री चतुर दास जी की वाणी, सिद्धांत की साखी (12)
चतुरदास (श्री) हरिदास कै, अद्भुत नित्य बिहार। यहां हम औराणी की बात करते हैं, लेकिन वेद उपलब्ध नहीं हैं.. - श्री चतुर दास जी, श्री चतुर दास जी की आवाज, सिद्धांत मित्र (12)