मोसों हँसि हो लाडिली हौं हँसिंहों तेहि सँग
Hriday Sarvasva — श्री वंशी अलि
Verse 11 of 31
लालन सोई प्रिया पद, गुरु सोई प्रिया उपास।
और न जानों नेंकहूँ, मेरे दृढ़ विश्वास॥
- श्री वंशी अलि, हृदय सर्वस्व (24)
ललन सोई प्रिया पद, गुरु सोई प्रिया उपास। और न जाने क्या कहूँ, मेरा दृढ़ विश्वास.. - श्री वंशी अली, हृदय ही सब कुछ है (24)