अब कब कृपा करोगी स्वामिनी
Kishor Das Vani — श्री किशोर दास
Verse 1 of 1
(राग कान्हरा)
अब कब कृपा करोगी स्वामिनी।
नित्य-निकुंज बिहारिन स्यामा श्रीमत श्रीराधे नामिनी॥ [1]
स्वयं प्रकास सरस सुखसागर नागरि वृंदावन धामिनी।
श्री दास किसोर वोर करि चितवनि प्रीतम प्रान भवन भामिनी॥ [2]
- श्री किशोर दास, श्री किशोर दास जी की वाणी, नेह तरंग (47)
(राग कान्हड़ा) अब प्रभु को प्रसन्न करो। नित्य-निकुंज बिहारिन श्यामा श्रीमत श्रीराधे नामिनी।।[1] स्वयं प्रकाश सरस सुखसागर नगरी वृन्दावन धामिनी। श्री दास किशोर वोर कारी चितावनि प्रीतम प्राण भवन भामिनी.. [2] - श्री किशोर दास, श्री किशोर दास जी की आवाज, नेह तरंग (47)