हा वृंदावन हा वंशीवट हा हा यमुना कुंज
Misc Leftover —
Verse 5 of 6
हा वृंदावन हा वंशीवट हा हा यमुना कुंज।
हा गोवर्धन राधासर श्री प्रिया प्रेम सुख पुंज॥
- श्री मनोहर दास, भक्ति सुमिरनी
हाँ वृन्दावन, हाँ वंशीवट, हाँ यमुना कुंज। हा गोवर्धन राधासर श्री प्रिया प्रेम सुख पुंज.. - श्री मनोहर दास भक्ति सुमिरनी