अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग

Nem Battisi — श्री हित दामोदर दास

Verse 5 of 13

कुँज कुँज निरखत फिरौ, जमुना जल में न्हाँऊ। श्री वृन्दावन छांड़ि कै, अनत न कित हूँ जाऊँ॥ - श्री हित दामोदर दास, नेम बत्तीसी (3) बिन स्याही बगीचों में फिरो, यमुना जल में नहाओ। श्री वृन्दावन छन्दै कै, अनत न कित हुन जौं.. - श्री हित दामोदर दास, नाम बत्तीसी (3)
अंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोगअंवर कंवर जौ जुरै रुखौउ उत्तम भोग