राधा राधा राधा कहौं। कहि कहि राधा राधा लहौं

Priyaprasada — श्री घनानंद

Verse 1 of 1

राधा राधा राधा कहौं। कहि कहि राधा राधा लहौं॥ १॥ राधा जानौं राधा मानौं। मन राधा-रस ही मैं सानौं॥ २॥ - श्री आनंदघन, प्रियाप्रसाद (1) राधा राधा राधा कहो. कहि कहि राधा राधा लहौं..1..राधा जनौं राधा मनौं..मेरा मन राधा-रस से भर गया..2.. - श्री आनंदघन, प्रिया प्रसाद (1)