प्राण प्रिया प्राणेश्वरी, लाड लड़ी सुकुवांर

Radha Namavali — श्री किशोरी अलि

Verse 4 of 7

परमानन्द स्वरुपिनी, मनहरनी सुख रास। पिय हिय उर कुल्लोलिनी, प्रीतम हिये निवास॥ - श्री किशोरी अलि, राधा नामावलि (23) रमणीय सौन्दर्य, मनमोहक प्रसन्नता। पिया हिय उर कुल्लोलिनी, प्रीतम हिय निवास.. - श्री किशोरी अली, राधा नामावली (23)
वह दिलों को चुराने वाली और दिव्य खुशी का निवास है। वह अपने पप्राण प्रिया प्राणेश्वरी, लाड लड़ी सुकुवांर