नमो नमस्तेऽस्तु परात्परायै

Radhashtakam Stotras —

Verse 12 of 35

नमो नमस्तेऽस्तु परात्परायै राधाभिधायै निखिलाश्रयायै॥ सकृद्गृणान्तस्तवनामये वै ते त्वां गतिं यान्तिभवप्रमुक्ता:॥ - श्री वंशी अलि, श्री राधा स्तोत्र (1) नमो नमस्तेस्तु परत्परायै राधाभिधायै निखिलाश्रयै।
नमो नमस्तेऽस्तु परात्परायैनमो नमस्तेऽस्तु परात्परायै