नमो नमस्तेऽस्तु परात्परायै
Radhashtakam Stotras —
Verse 16 of 35
विफलीकृतचंद्रमण्डले राधे पाद नखेन्दुचंद्रिकाभि:।
करुणा नवधे विधेहि मां विपिनामोद जुषं रसाश्रयम॥
- श्री वंशी अलि, श्री राधा स्तोत्र (28)
असफल चन्द्रमण्डले राधे पाद नखेंदुचन्द्रिकाभिः। करुणा नवधे विदेही मन विपिनमोद जशन रसाश्रयम्.. - श्री वंशी अली, श्री राधा स्तोत्र (28)