जग्य दान संजम नियम

Rasik Ratnavali — श्री नागरीदास

Verse 1 of 1

जग्य दान संजम नियम, किए तीरथ तप पूर। नेह नीर परस्यौ नहीं, तो सब कीनौं धूर॥ - श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, रसिक रत्नावली (14) जग्य दान संजम नियम, किय तीरथ तप पुर। नेह नीर परस्यु नहीं तो सब कुछ वश में कौन कर सकता है.. - श्री नागरीदास (महाराज सावंत सिंह जी), श्री नागरीदास जी की वाणी, रसिक रत्नावली (14)