त्वदलोकन-कालाहि
Vilap Kusumanjali — श्री रघुनाथ दास गोस्वामी
Verse 10 of 12
त्वदलोकन-कालाहि-दंशैरेव मृतं जनम्।
त्वत् पादाब्जमिलल्लाक्षाभेषजैर्देवि जीवय॥
- श्री रघुनाथ दास गोस्वामी, विलाप कुसुमांजलि (9)
त्वद्लोकान-कालाहि-दंशैरेव मृत जन्म। तत्त्व पादबजमिलाक्षभेषजयार्देवी ज्ञ.. - श्रीरघुनाथ दास गोस्वामी, विलाप कुसुमांजलि (9)