यदैव सच्चिद्रसरूप

Vrindavan Mahimamrita — श्री प्रबोधानन्द सरस्वती

Verse 100 of 124

सेयं दीक्षा उच्चभावै र्व्रतेषु सेयं शिक्षा राधिकाराधनेषु। सेयं प्रेमाधीश पूर्म्मूलकक्षायच्छ्री वृन्दारण्य सौभाग्य वीक्षा॥ - श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (13.11) सेन दीक्षा उच्चभवै रवर्तेषु सेन शिक्षा राधाक्रधनेषु। सेन प्रेमाधीश पूर्ममूलक्षयश्च्रि वृन्दारण्य सौभाग्य विक्षा.. - श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (13.11)
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