यदैव सच्चिद्रसरूप

Vrindavan Mahimamrita — श्री प्रबोधानन्द सरस्वती

Verse 88 of 124

दिनेदिनेतिवर्द्धिष्णु-महाभक्ति-विरक्तिमान। कोऽपि वृन्दावने धन्यो भाति राधापदाश्रितः॥ - श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.66) दिनेदिनेतिवर्धिष्णु-महाभक्ति-विरक्तिमान्। कुछ वृन्दावन ने राधापादाश्रिता जैसा आशीर्वाद दिया। - श्री प्रबोधानन्द सरस्वती, वृन्दावन महिमामृत (9.66)
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