इन्द्र-मद-मर्दन दुर्ग
Vrindavan Shataka — श्री लाल बलबीर
Verse 7 of 10
श्रीराधे जू निबाहे बनेंगी।
मो सम नहीं दीन या जग में दया दृष्टि सों तकाये बनेंगी॥ [1]
औगुन भरी परी द्वारे पै सैनन माँहि बुलाये बनेंगी।
दासी जानि चरन की स्वामिनि श्रीबनराज बसाये बनेंगी॥ [2]
- श्री लाल बलबीर जी, वृन्दावन शतक (58)
श्रीराधे जू निभाएंगी भूमिका. ऐसा कोई दिन या संसार नहीं है जिसमें तुम दयालु पुत्र बनोगे.. [1] तुम उग्र देवदूत के प्रिय बन जाओगे। दासी जानी चरण की स्वामिनी श्रीबनराज बसेगी.. [2] - श्री लाल बलबीर जी, वृन्दावन शतक (58)