खरौ-खरौ सब लेत हैं परखि पारखू सार
Vyas Vani — श्री हरिराम व्यास
Verse 84 of 139
अपनैं-अपनैं मत लगे, वादि मचावत सोर।
ज्यौं-त्यौं सबकौ सेवनें, एकै नंदकिसोर॥
- श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (135)
एक दूसरे के खिलाफ मत लड़ो, वादी मचावत सोर। ज्यौं-त्यूं सबको सेवनेन, एका नंदकिशोर.. - श्री हरिराम व्यास, व्यास वाणी, सिद्धांत की साखी (135)