फूलन की मंडली मनोहर

चतुर्भुजदास

Pada 13

फूलन की मंडली मनोहर बैठे जहाँ रसिक पिय प्यारी । फूलन के बागे और भूषण फूलन की पाग संवारी ॥१॥ ढिंग फूली वृषभान नंदिनी तैसिये फूल रही उजियारी । फूलन के झूमका झरोखा बहु फूलन की रची अटारी ॥२॥ फूले सखा चकोर निहारत बीच चंद मिल किरण संवारी । चतुर्भुज दास मुदित सहचारी फूले लाल गोवर्धन धारी ॥३॥
बैठे लाल फूलन की चौखंडीमनमोहन अद्भुत डोल बनी