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चतुर्भुजदास
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मनमोहन अद्भुत डोल बनी
मनमोहन अद्भुत डोल बनी
चतुर्भुजदास
Pada 14
मनमोहन अद्भुत डोल बनी । तुम झूलो हों हरख झुलाऊं वृंदावन चंदधनी ॥१॥ परम विचित्र रच्यो विश्वकर्मा हीरा लाल मणी । चतुर्भुज प्रभु गिरिधरन लाल छबि कापें जात गनी ॥२॥
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