खेलत वसंत निस पिय संग जागी

कृष्णदास

Pada 14

(मंगला दर्शन के समय) खेलत वसंत निस पिय संग जागी। सखी वृंद गोकुल की सोभा गिरिधर पिय पदरज अनुरागी॥१॥ नवल कुंज में गुंजत मधुप पिक विविध सुगन्ध छींट तन लागी। कृष्णदास स्वामिनी युवती यूथ चूडामणि रिझवत प्राणपति राधा बडभागी ॥२॥
लाल गोपाल गुलाल हमारी आँखिन में जिन डारो जूआज कछु देखियत ओर ही बानक