तरनि तनया तट आवत है

कृष्णदास

Pada 4

तरनि तनया तट आवत है प्रात समय, ::कंदुक खेलत देख्यो आनंद को कंदवा. नूपुर पद कुनित,पीताम्बर कटि बांधे, ::लाल उपरना, सिर मोरन के चंदवा.
देख जिऊँ माई नयन रँगीलोकंचन मनि मरकत रस ओपी