हमारो दान देहो गुजरेटी

कुम्भनदास

Pada 12

हमारो दान देहो गुजरेटी। बहुत दिनन चोरी दधि बेच्यो आज अचानक भेटी॥१॥ अति सतरात कहा धों करेगी बडे गोप की बेटी। कुंभनदास प्रभु गोवर्धनध्र भुज ओढनी लपेटी॥२॥
आई ऋतु चहूँदिस फूले द्रुमगाय सब गोवर्धन तें आईं