प्रात समय श्री वल्ल्लभ सुत को

नंददास

Pada 18

प्रात समय श्री वल्ल्लभ सुत को, पुण्य पवित्र विमल यश गाऊँ । सुन्दर सुभग वदन गिरिधर को, निरख निरख दोउ दृगन खिलाऊं ॥ मोहन मधुर वचन श्री मुख तें, श्रवनन सुन सुन हृदय बसाऊँ । तन मन धन और प्रान निवेदन, यह विध अपने को सुफ़ल कराऊँ ॥ रहों सदा चरनन के आगे, महाप्रसाद को झूठन पाऊँ । नंददास प्रभु यह माँगत हों वल्लभ कुल को दास कहाऊँ ॥
माई आज तो गोकुल ग्रामनंद भवन को भूषण माई