आज दधि कंचन मोल भई

परमानंददास

Pada 18

आज दधि कंचन मोल भई। जा दधि को ब्रह्मादिक इच्छत सो गोपन बांटि दई॥१॥ दधि के पलटे दुलरी दीनी जसुमति खबर भई। परमानंददास को ठाकुर वरवट प्रीति नई॥२॥
कापर ढोटा नयन नचावतरंचक चाखन देरी दह्यो