गहौ मन सब रस को रस सार

Swami Haridas

Pada 3

गहौ मन सब रस को रस सार। लोक वेद कुल करमै तजिये, भजिये नित्य बिहार॥ गृह, कामिनि, कंचन धन त्यागौ, सुमिरौ स्याम उदार। कहि 'हरिदास रीति संतन की, गादी को अधिकार॥
जौं लौं जीवै तौं लौं हरि भजुज्यौंहिं ज्यौंहिं तुम रखत हौं