स्वामी हरिदास

Swami Haridas

Sakhi sampradaya · 14 padas · Source: Kavita Kosh

  1. 1. तिनका बयारि के बस
  2. 2. जौं लौं जीवै तौं लौं हरि भजु
  3. 3. गहौ मन सब रस को रस सार
  4. 4. ज्यौंहिं ज्यौंहिं तुम रखत हौं
  5. 5. श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय
  6. 6. श्री वल्लभ मधुराकृति मेरे
  7. 7. प्रगट व्है मारग रीत बताई
  8. 8. डोल झूले श्याम श्याम सहेली
  9. 9. गहौ मन सब रसको रस सार
  10. 10. प्रेम समुद्र रुप रस गहिरे
  11. 11. हरि को ऐसोइ सब खेल
  12. 12. हरि के नाम को आलस क्यों करत है रे
  13. 13. काहू को बस नाहिं तुम्हारी कृपा तें
  14. 14. हित तौ कीजै कमलनैन सों