श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय

Swami Haridas

Pada 5

श्री वल्लभ श्री वल्लभ श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय दीन द्वार आयो। कृपा भरि नैन कोर देखिये जु मेरी ओर जनम जनम सोधि सोधि चरन कमल पायो॥१॥ कीरति चहुँ दिसि प्रकास दूर करत विरह ताप संगम गुन गान करत आनंद भरि गाऊँ। विनती यह यह मान लीजे अपनो हरिदास कीजे चरन कमल बास दीजे बलि बलि बलि जाऊँ॥२॥
ज्यौंहिं ज्यौंहिं तुम रखत हौंश्री वल्लभ मधुराकृति मेरे