आज मेरे कहे चलौ मृगनैंनी

Hit Chaurasi — Hit Harivansh

Pada 16

आज मेरे कहे चलौ मृगनैंनी । गावत सरस जुवति मंडल में, पिय सौं मिलैं भलें पिकबैंनी।। परम प्रवीण कोक-विद्या में, अभिनय निपुन लाग-गति लैनी । रूपरासि सुनि नवल किशोरी, पल-पल घटत चाँदनी रैनी ।। (जै श्री ) हित हरिवंश चली अति आतुर, राधारवन सुरत सुख दैनी। रहसि रभस आलिंगन चुम्बन, मदन कोटि कुल भई कुचैनी ।16।।।।
अपनी बात मोसौं कहि री भामिनी,औंगी मौंगी रहति गरब की मातीआज मेरे कहैं चलौ मृगनैंनी