राधा नाम को आधार

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 104 of 115

श्रवण सुनें चहुँ ओर सों, राधा नाम पुकार। नैनन में छायो रहे, निशिदिन युगल विहार॥ - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, युगलविहार शतक 2 (01) श्रवण हो या पुत्र, राधा नाम पुकारो। नैनन में ठहरे, निशिदिन युगल विहार.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, युगल विहार शतक 2 (01)
श्री वृंदावनरज दरसावै सोईराधा नाम को आधार