राधा नाम को आधार

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 106 of 115

श्यामा पग दृढ़ गहु सखी, मिलिहैं निश्चै श्याम। न मानै दृग देख ले, श्यामा पद विच श्याम॥ - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (236.4) श्याम के कदम पक्के हैं, यार तू श्याम से मिल गया। एन मैनी दृग देख ले, श्यामा पद विच श्याम.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (236.4)
राधा नाम को आधारसोय सोय सबकाम विगारा