वृन्दावन धाम नीकौ

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 110 of 115

(राग खमांच चौताला) वृन्दावन धाम नीकौ बृज कौ विश्राम नीकौ, श्यामा श्याम नाम नीकौ मन्दिर अनंद कौ। कालीदह न्हन नीकौ यमुना पयपान नीकौ, रेणुका कौ खान नीकौ स्वाद मानौ कंद कौ॥ राधाकृष्ण कुण्ड नीकौ, संतन कौ संग नीकौ, गौरश्याम रंग नीकौ अंग जुग चंद कौ। नील पीतपट नीकौ बंसीवट तट नीकौ, ललित किशोरी नीकी नट नीकौ नंद कौ॥ - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (85) (राग खमांच चौताल) वृन्दावन धाम निकौ बृज कौ विश्राम निकौ, श्यामा श्याम नाम निकौ मंदिर आनंद कौ। कालीदह नहं निकौ यमुना पयपन निकौ, रेणुका कौ खान निकौ स्वाद मनौ कुंड निकौ.. राधाकृष्ण कुंड निकौ, संतान कौ संग निकौ, गौरश्याम रंग निकौ अंग जुग चंद निकौ। नील पितापत निकौ बंसीवत तत् निकौ, ललित किशोरी निकी नट निकौ नंद कौ.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (85)
राधा नाम को आधारराधा नाम को आधार