राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 111 of 115
वृन्दावन की चाह करो ।
चाह कुचाह सकल वाहिर करि, अंतस दंपति नेह भरो॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (२४२)
इच्छा वृन्दावन. कुछ चाहो तो करो, धनवान के आशीर्वाद से हृदय भर लो.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (242)