राधा नाम को आधार

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 14 of 115

आनदेश के गमन को, मतकर वीर विचार। फेर कहाँ वृन्दाविपिन, कहँ यह जुगल बिहार॥ - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, वृंदावन शतक प्रथम (34) साहसपूर्ण विचार, मार्चिंग आदेशों की अनदेखी करना। फिर कहाँ है वृन्दाविपिन, कहाँ है यह जुगल बिहार.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, वृन्दावन शतक प्रथम (34)
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