राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 23 of 115
लता पता द्रुमबेलि हौं, खार छार फल फूल।
कैसेहुँ जुगल बसाइए, कालिन्दी के कूल॥
- श्री ललित किशोरी देव, अभिलाष माधुरी, श्रिंगार शतक (60)
लता पता द्रुम्बेलि, मैं चार फल फूल। कइसेहूँ जुगल बसै, कालिंदी के कुल.. - श्री ललित किशोरी देव, अभिलाष माधुरी, शृंगार शतक (60)