प्यारीजू कौन तिहारी खोट

Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव

Verse 30 of 115

(राग भैरवी) बोलौ बन राधे सुखरासी। मेरे औगुन कितक लाडिली, तुम अपार करुना की रासी॥ [1] ललितकिशोरी तजौ न मोकों, चहूँ ओर ह्वैहै तुव हांसी। ह्वै दासी तोरी श्रीस्वामिनि, होत नहीं अब आन खवासी॥ [2] - श्री ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (69) (राग भैरवी) कहो बनो राधे सुखरासी। मेरी औगुन किटक लाडिली, तुम बहुत दयालु व्यक्ति हो.. [1] ललितकिशोरी तजौ न मोकोन, चहुँ या वहै तुव हँसी। तुम गुलाम क्यों हो श्रीस्वामिनी, अब तुम गुलाम नहीं हो.. [2] - श्री ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (69)
प्यारीजू कौन तिहारी खोटराधा नाम को आधार