राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 32 of 115
भ्रमरी ह्वै कब डोलिहौं, श्री वृन्दावन गैल।
पदपंकज मकरंदरस, पैहौं दोऊ छैल॥
- ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (70)
भ्रामरी कब आयेगी, श्री वृन्दावन गेल। पदपंकज मकरंदरस, पैहुं दोउ छैल.. - ललित किशोरी जी, अभिलाष माधुरी, विनय (70)