राधा नाम को आधार
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 56 of 115
श्री वृंदावन रेनु को, मरम न पावै कोय।
मिलैं रसिक युग चंद्रमा, दृढ़ कर खोजे जोय॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (192)
श्री वृन्दावन रेनू, समाधान कोई न पा सका। रूमानी युग के चाँद से मिलो, मेहनत करके खुशियाँ पाओ.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी, विनय (192)