प्यारीजू कौन तिहारी खोट
Abhilash Madhuri — श्री ललित किशोरी देव
Verse 65 of 115
(राग भैरवी)
प्यारी जू अपनी ओर चितैयै।
नित्य निकुंज विलास आपनो इन नैनन दरसये॥
ललित किशोरी अगुननगीना हाहा मत परशैये।
ज्यों तन वस्यो निरंतर श्रीवन त्यों मन वेगी बसैये॥
- श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी (263)
(राग भैरवी) प्यारी जू अपनी या चितई। नित्य निकुंज विलास अपनो इन नन्नन दरसये..ललित किशोरी अगुन्नगिना हाहा चिंता मत करो. जब तक आप निरंतर श्रीवन में हैं, आपका मन स्थिर रहेगा.. - श्री ललित किशोरी, अभिलाष माधुरी (263)